भागदौड़ भरी ज़िंदगी में कभी-कभी एक ब्रेक ज़रूरी होता है, और जब ये ब्रेक दोस्तों के साथ हो, तो यादें खुद-ब-खुद बन जाती हैं। हाल ही में हम पाँच दोस्त — मृत्युंजय, विनोद, राकेश, संजय और मैं (यशवंत) — भोपाल से थोड़ी दूरी पर स्थित समरधा नाइट कैंप गए, और यकीन मानिए – ये ट्रिप हमारे लिए सिर्फ़ एक ट्रैवल नहीं, बल्कि एक जादुई अनुभव बन गई।
🚗 ट्रिप की शुरुआत – उत्साह से भरपूर
भोपाल से सुबह निकलते ही हमारा सफर शुरू हुआ। हल्की ठंडी हवा, सड़क के दोनों ओर हरियाली और साथ में हमारी मस्ती – सफर कब कट गया, पता ही नहीं चला। समरधा की शांत वादियाँ और हरियाली ने हमारा स्वागत बड़ी गर्मजोशी से किया।
🌲 जंगल की ओर – ट्रैकिंग और एडवेंचर
जैसे ही हमने जंगल ट्रैकिंग शुरू की, एक अलग ही दुनिया में कदम रख दिए। पत्तों की सरसराहट, पक्षियों की आवाज़ें और हर कदम पर कुछ नया देखने को मिला।
इसके बाद रिवर क्रॉसिंग, रस्सी संतुलन, और मानव कैटापोल्ट जैसी रोमांचक एक्टिविटीज़ ने हमारी एनर्जी को दोगुना कर दिया। हमने तीरंदाज़ी, स्पीयर थ्रो और "ब्लो टू विन" जैसे मज़ेदार खेलों में भी हाथ आजमाया।
सबसे मज़ेदार बात ये थी कि हम सब — मृत्युंजय, विनोद, राकेश, संजय और मैं (यशवंत) — हर एक्टिविटी में पूरा मन लगाकर हिस्सा ले रहे थे। सबकी हँसी, चुटकुले और फुल-ऑन मस्ती हर पल को खास बना रही थी।
🔥 रात का जादू – लोकसंगीत और कैम्पफायर
शाम होते-होते माहौल पूरी तरह बदल गया। टिमटिमाते तारे, ठंडी हवा, और बीच में जलता हुआ कैम्पफायर – जैसे हम किसी फिल्मी सीन का हिस्सा हों। वहाँ के लोक कलाकारों ने अपनी प्रस्तुति से माहौल को जीवंत कर दिया। हमने लोकगीतों पर डांस किया, और ठहाकों से रात को रौशन कर दिया।
टेंट में रहना भी एक नया अनुभव था – प्रकृति के बीच, दूर शहर की हलचल से।
📸 यादें – ढेर सारी तस्वीरों के साथ
हमने हर पल को कैमरे में कैद किया – कभी जंगल के बीच सेल्फी, तो कभी कैम्पफायर के पास ग्रुप फोटो। लेकिन जो सबसे ख़ास था, वो था वो अहसास – दोस्तों के साथ प्रकृति के बीच सुकून भरे पल बिताने का।
🎒 अगर आप भी जाना चाहें...
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लोकेशन: समरधा, भोपाल से लगभग 30 किमी दूर
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पर्यटन सीज़न: अक्टूबर से मार्च तक सबसे अच्छा
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बुकिंग और गाइड: मध्य प्रदेश पर्यटन की वेबसाइट या स्थानीय ईको-गाइड्स से संपर्क करें
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